ट्रेसेज्ञ




सामान्यत: पूछे जाने वाले प्रश्न



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    (प्र.1.) मैं विभिन्न भारतीय कंपनियों के शेयरों का मालिक हूँ और लाभांश किये प्राप्त हैं।क्या यह कर योग्य है?
  • नहीं । भारतीय कंपनियों द्वारा घोषित लाभांश शेयरधारकों के हाथों में कर योग्य नहीं है क्योंकि वितरित लाभ पर कर पहले से ही कंपनी द्वारा वहन किया जा चुका है।
  • (प्र.2.) सरकार आयकर कैसे एकत्रित करती है?
  • कर तीन तरह से एकत्रित किया जाता है:
    • विभिन्न नामित बैंकों में व्यक्तियों द्वारा स्वैच्छिक भुगतान। उदाहरण के लिए: अग्रिम कर और स्व-मूल्यांकन कर।
    • आपके द्वारा प्राप्य भुगतान के लिए आपकी ओर से स्रोत पर कर कटौती(टीडीएस)।
    • टैक्स के खर्च के समय में अपनी ओर से स्रोत पर एकत्र कर(टीसीएस)। अपनी अर्जित आय पर कर की गणना और करों का सही ढंग से भुगतान करना यह हर व्यक्ति का संवैधानिक दायित्व है|
  • (प्र.3) टैक्स जमा करने की क्या प्रक्रिया है?
  • एक फार्म जिसे चालान कहा जाता है आयकर विभाग,बैंकों में और आयकर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है भरा जाना चाहिए और बैंक में राशि के साथ जमा किया जाना चाहिये| करों का भुगतान ऑनलाइन भी किया जा सकता है।
  • (प्र.4.) मैं कुछ समय से व्यापारी हूँ। क्या मुझे किसी भी खाते को बनाए रखने की आवश्यकता है|
  • कोई भी व्यवसाय या पेशा जिसका वार्षिक कारोबार / सकल प्राप्ति दस लाख रुपये से अधिक और वास्तविक लाभ एक लाख बीस हजार रुपये है,तो उन्हे खाते की ऐसी किताबें और दस्तावेज जिसमें उसकी आय यथोचित विभाग द्वारा पता लगाई जा सके बनाए रखना चाहिए।
  • (प्र.5.) मेरे व्यापार के खाते की किताबें कहाँ और कितनी देर के लिए रखी जानी चाहिये?
  • व्यापार के खाता की सभी किताबें और संबंधित दस्तावेज़, जहां व्यापार या पेशा आम तौर पर किया जाता है के मुख्य स्थान पर रखा जाना चाहिए। यह न्यूनतम छह वर्ष के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए।
  • (प्र.6.) क्या मुझे अपने खातों के लिये एक एकाउंटेंट रखने की आवश्यकता है?
  • यह आपकी सामर्थ्य और आवश्यकता पर निर्भर करता है। आप बाजार में उपलब्ध लेखांकन सॉफ्टवेयर का भी उपयोग कर सकते हैं। हालाँकि याद रखें व्यवसाय में वार्षिक कारोबार / सकल प्राप्ति दस लाख रुपये से अधिक और वास्तविक लाभ एक लाख बीस हजार रुपये से होने पर एक निज़ि लेखाकर या अंकेक्षक से आप के खातों कि जाँच होना आवश्यक है।
  • (प्र.7.) खाता बही का अंकेक्षण से क्या मतलब है?
  • अंकेक्षण का मतलब अपने खातों की असलियत और यथार्थता की जाँच है, कि अपने व्यापार के संचालन में खातों को तैयार करने में लेखांकन सिद्धांतों और मानकों का पालन ठीक ढंग से किया है। आयकर अधिनियम के अन्तर्गत, इसका सत्यापन एक प्रमाणिक सरकारी लेखाधिकारी द्वारा होगा।
  • (प्र.8.) मेरे व्यापार में हर लेन-देन के लिए बिल जारी करना असंभव है। मैं खातों को कैसे ठीक बनाए रख सकता हूँ?
  • विपत्र पुस्तकों (Bill Books) न बनाए रखने के लिए कोई बहाना नहीं हो सकता।हालांकि, अगर आप छोटे समय से एक खुदरा व्यापारी जिसका वार्षिक कारोबार 40 लाख रुपए से कम है, तो आपको अपनी वास्तविक बिक्री का 5% अनुमानित आय घोषित करने की अनुमति दी जाती है (अनुभाग 44AF के तहत) । इस स्थिति में, बही खाता होने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसी तरह,धारा 44AD के अन्तर्गत सिविल ठेकेदारों को 8% कारोबार के मुनाफे के रूप में खुलासा करने पर खाता बही का रखरखाव करने की आवश्यकता नहीं है। ट्रांसपोर्टर मालिक जिनकी 10 माल वाहक गाड़ियाँ से कम हैं वो भी संभावित आय योजना का लाभ खाते की पुस्तकों के रखरखाव के बिना ले सकते हैं । हालांकि, अगर आप अपनी आय की घोषणा योजना के न्यूनतम स्तर/ प्रतिशत के अन्तर्गत करते हैं तो आप को व्यापार खाते की पुस्तकों को रखना और उनका अंकेक्षण कराना आवश्यक होगा ।